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अमेठी । अमेठी में लखनऊ से आई विजिलेंस टीम ने जिले की डीपीआरओ श्रेया मिश्रा को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। टीम ने उनके कार्यालय में बाजार शुकुल में तैनात सफाई कर्मी सुशील कुमार सिंह से 30 हजार रुपये की घूस लेते गिरफ्तार किया है। रंगे हाथ पकड़ा। बाजार शुकुल ब्लॉक के धनेशा राजपूत गांव में तैनाती के दौरान कई गंभीर आरोपों में निलंबित सफाईकर्मी सुशील कुमार सिंह को पिछले दिनों बहाल किया गया था। इसके बाद से ही वह अपने बकाया ड्यूज का भुगतान पाने के लिए डीपीआरओ कार्यालय का चक्कर काट रहा था। लगातार दौड़ने के बाद उसका कुछ बकाया भुगतान भी हुआ। शेष बकाया भुगतान के लिए घूस मांगे जाने पर उसने इसकी शिकायत 11 जून को एसपी विजिलेंस लखनऊ से की। 
एसपी विजिलेंस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में 10-12 लोगों की एक टीम गठित की। इसके बाद टीम बुधवार शाम जिला मुख्यालय पहुंची और एसपी से महिला दरोगा व सिपाही समेत कुछ पुलिसकर्मियों की मांग की। इसके बाद टीम अमेठी स्थित एक होटल पहुंची। होटल से गुरुवार दोपहर बाद निकली टीम सफाई कर्मी सुशील सिंह व स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ करीब पौने 2 बजे विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंची। यहां टीम ने सफाई कर्मी से 30 हजार रुपये की घूस लेते डीपीआरओ श्रेया मिश्रा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। डीपीआरओ को गिरफ्तार करने के बाद टीम उन्हें लेकर पुन: अमेठी स्थित होटल पहुंची। यहां लंबी पूछताछ के बाद देर शाम टीम उन्हें लेकर गौरीगंज स्थित उनके आवास पहुंची और ताला तोड़कर तलाशी ली। तलाशी के बाद टीम गौरीगंज थानेपहुंची और डीपीआरओ के सुसंगत धाराओं में खिलाफ केस दर्ज कराया। जिले में विजिलेंस टीम के आने व डीपीआरओ की गिरफ्तारी तक का पूरा घटनाक्रम बेहद गोपनीय रहा। 
डीपीआरओ की गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। विभागीय कर्मियों को जैसे ही पता चला कि टीम डीपीआरओ को लेकर अमेठी स्थित एक होटल गई है, वैसे तकरीबन सभी ब्लॉकों के एडीओ पंचायत व ग्राम पंचायत अधिकारी होटल पहुंच गए। सभी देर शाम तक होटल के बार ही डटे रहे। बता दें कि डीपीआरओ में चयनित होने के बाद गोरखपुर की रहने वाली श्रेया मिश्रा को शासन ने करीब एक वर्ष पूर्व जिले का डीपीआरओ बनाया था। डीपीआरओ का एक वर्ष का कार्यकाल भी तकरीबन विवादों से परे रहा। विभाग से लेकर जिले तक में उनकी गिनती काबिल व ईमानदार अफसर के रूप में होती थी।

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