
बिलासपुर । बिलासपुर रेंज के आईजी रतन लाल डाँगी ने रेंज के जिलों में पदस्थ सभी पर्यवेक्षणाधीन अधिकारियों (नगर पुलिस अधीक्षक, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी एवं उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय, आईयूसीएडब्ल्यू, एवं अजाक ) के कार्यालयों में रीडर आदि कार्य के लिये पदस्थ कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा की गई । जिसमे तथ्य पाया गया कि जहां इन अधिकारियों के कार्यालयों में नियमत: एक कर्मचारी (प्रधान आरक्षक / आरक्षक) पदस्थ रहना चाहिये वहीं समीक्षा पर प्राय: सभी अधिकारियों के कार्यालयों में यह संख्या 3 तथा इससे भी अधिक पदस्थ रहना पाया गया । कुछ अधिकारियों के कार्यालयों में तो सउनि / उनि स्तर के अधिकारी भी पदस्थ है जो कि अत्यधिक आपत्तिजक है, यह स्पष्टत: कार्यकारी बल का दुरुपयोग है ।इसमे आईजी ने आदेशित किया है कि जिले के राजपत्रित अधिकारियों के कार्यालयों में पदस्थ बल की संख्या अधिकतम 2 रखा जावे, इसमें भी यह ध्यान रखा जावे कि इन कर्मचारियो में प्रधान आरक्षक से उपर का कोई बल पदस्थ न हों । इस संबंध में जारी किये गये आदेश तथा वर्तमान में पदस्थ कर्मचारियों की कार्यालयवार सूची, 3 दिवस में रेंज कार्यालय को उपलब्ध कराने का कष्ट करें ।इधर आईजी के आदेश के बाद पुलिस विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है और आनन फानन में निर्देशो का पालन करने जुटे हुए है।
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