कोरबा मोहर्रम मातमी जुलूस के साथ मनाया गया। जुलूस में मन्नती ताजिए शामिल रहे। जुलूस में शामिल लोगों ने कोविड प्रोटोकाल का पालन किया। हालांकि बीते वर्षों की तरह जुलूस में लोगों की संख्या कम रही। ताजिए भी सीमित संख्या में रहे। शहर भ्रमण करने के बाद जुलूस करबला पहुंचा जहां ताजिए को दफन किया गया। लोगों ने अपने-अपने घरों में ही नमाज अदा करने के साथ फातिहा पढ़ी। कोरबा शहर समेत उपनगरीय क्षेत्रों दर्री, बालको, बांकीमोंगरा, कुसमुंडा क्षेत्र से निकलने वाले जुलूस में इस बार लोगों की संख्या कम रही। कोविड-19 के कारण यह जरूरी भी था। जितने भी ताजिए शहर में पहुंचे थे, उन्हें लोगों ने नगर भ्रमण कराते हुए करबला तक ले गए, जहां मातमी माहौल में दफन किया गया।
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