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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली के कैंट इलाके में दलित नाबालिग से रेप और फिर उसकी हत्‍या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दिल्‍ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि वाटर कूलर में शॉर्ट सर्कि का कोई संकेत नहीं मिला है. कूलर की सफाई भी नहीं की गई थी. दिल्‍ली कैंट रेप मामले (Delhi Cant Rape Case) में इस बाबत क्राइम ब्रांच को रिपोर्ट मिल गई है. बता दें कि मुख्य आरोपी राधेश्याम और श्मशान घाट के पुजारी ने जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश करते हुए कहा था कि वाटर कूलर से बिजली का झटका लगता था और मरम्मत के लिए एक इलेक्ट्रीशियन से भी संपर्क किया गया था.


क्राइम रिपोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट से पता चला है कि दलित नाबालिग से रेप और फिर उसकी हत्‍या के मामले के आरोपियों ने झूठ बोला था. विशेषज्ञों द्वारा क्राइम सीन को रीक्रिएट करने पर वाटर कूलर में शॉर्ट सर्किट को कोई निशान नहीं मिला. गौरतलब है कि पूछताछ के शुरुआती चरणों में आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि पीड़िता की मौत करंट लगने से हुई.

चार्जशीट जल्‍द
सूत्रों की मानें तो चारों आरोपियों के खिलाफ जल्द ही दिल्ली पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी. पुलिस इस महीने के अंत तक चार्जशीट दाखिल कर देगी. सूत्र बताते हैं कि चारों आरोपियों में से किसी को भी क्राइम ब्रांच की SIT ने क्लीनचिट नहीं दी गई है. जांच टीम के पास बिना पॉलीग्राफ टेस्ट के चारों को चार्जशीट करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं. मुख्य आरोपितों ने एसआईटी टीम को किया गुमराह करने का प्रयास किया.


इलेक्‍ट्रीशियन बना सरकारी गवाह
मुख्य आरोपी राधेश्याम और श्मशान घाट के पुजारी ने एसआईटी टीम को गुमराह करने की कोशिश करते हुए कहा था कि वाटर कूलर से बिजली का झटका लगता था. इसके मरम्मत के लिए एक इलेक्ट्रीशियन से भी संपर्क किया गया था. श्मशान घाट के बिजली मिस्त्री (जो अब पुलिस जांच में मुख्य गवाह है) ने मुख्य आरोपी द्वारा किए गए इस दावे को खारिज किया है. जांच में यह भी सामने आया कि पुजारी अश्लील फिल्में देखता था और मृतक लड़की से मालिश करवाता था.



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