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भोपाल । राजधानी में कोरोना वायरस महामारी के नाम पर ‎किस तरह की लापरवाही बरती जा रही है उसका उदाहरण है एक कबाडी के यहां से सैंपल लेने की स्टिक और मरीजों की ‎लिस्ट तथा मोबाइल नंबर तक का ‎मिलना। सूत्रों की माने तो  कोरोना के संदिग्ध मरीजों के सैंपल की लिस्ट कोटरा सुल्तानाबाद के एक कबाड़ी के यहां मिली है। इस लिस्ट में मरीज का नाम, फोन नंबर समेत पूरा विवरण है। कबाड़ में कुछ कार्टून में सैंपल लेने की स्टिक और मरीजों के नाम वाली सूची मिली है। स्टिक में माइक्रो मास्टर लिखा हुआ है। इसकी एक्सपायरी 2023 है। ऐसे में सवाल उठता है कि एक्सपायरी के पहले स्टिक कैसे फेंक दी गई। एक स्टिक का पैकेट करीब 70 रुपए में आता है। इसमें दो स्टिक रहती हैं। एक नाक से और दूसरी गले से सैंपल लेने के लिए। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि यह स्वास्थ विभाग द्वारा लिए जा रहे सैंपलों की है या फिर किसी निजी अस्पताल की सूची है। हालांकि माना यही जा रहा है कि यह सूची स्वास्थ्य विभाग की ही होगी। वजह, यह कि इतनी बड़ी संख्या में भोपाल के किसी निजी अस्पताल में सैंपलिंग नहीं की जाती है। इस आधार पर भी यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह सूची स्वास्थ विभाग की होगी, क्योंकि शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एफआईआर दर्ज कर कहा गया है कि एक मैजिक वाहन से एक कार्टून चोरी हुआ है। इस कार्टून में सैंपल लेने से संबंधित पूरे सामान जैसे पीपीई किट, मास्क, सैंपल लेने की स्टिक समेत जरूरी सामान थे। इसमें रैपिड एंटीजन किट नहीं थीं।स्वास्थ विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें कई कंपनियों से सीएसआर फंड के तहत दान में स्टिक मिलती हैं। कई कंपनियों की स्टिक उपयोग की जा रही हैं। ऐसे में यह इनकार भी नहीं किया जा सकता है कि यह स्टिक सरकारी स्तर पर की जा रही सैंपलिंग में उपयोग नहीं हो रही हैं। 




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