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जयपुर । राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने राजकीय विधि महाविद्यालय चूरू में राज्य सरकार के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, जिला प्रशासन एवं महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति की ओर से मनाये जा रहे सद्भावना सप्ताह के तहत ‘‘नशे से बच्चों एवं महिलाओं के जीवन पर प्रभाव व मुक्ति का मार्ग’’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कहा है कि नशा एक अभिशाप है, नशा धीरे-धीरे व्यक्ति के जीवन में प्रवेश कर घर, परिवार, समाज को बर्बाद कर देता है, अत: इस बुराई को रोकना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नशा एक व्यक्ति करता है पर उसके दुष्प्रभाव व दुष्परिणाम पूरे परिवार में बच्चों व महिलाओं पर पड़ता है, इसलिए परिवार में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।  बेनीवाल ने कहा कि फैशन व आधुनिकता के दिखावे में भी युवा नशे की और आकर्षित हो रहे है, ऐसे में सब का दायित्व बन जाता है कि हम लोगों को नशे के दुष्प्रभाव व दुष्परिणाम के संबंध में जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि हम एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका में हों और देश व समाज के हित में नशे से मुक्ति की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम नशे के प्रति जागरुक रहकर लोगों से तनाव व उपेक्षा के संबंध में बातचीत कर नशे से दूर रहने के महती प्रयास करें।



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