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नई दिल्ली । पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने आजादी का अमृत महोत्‍सव के एक भाग के रूप में कॉमन सर्विस सेंटर नेटवर्क के माध्यम से विभाग की उद्यमिता वाली योजनाओं पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। पूरे देश में ग्रामीण स्तर पर2000 शिविरों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को इन योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की गई, साथ ही उन्हें बताया कि सीएससी के माध्यम से योजना पोर्टल पर किस प्रकार आवेदन किया जा सकता है। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, पुरुषोत्तम रूपाला ने शिविरों के माध्यम से जुड़े हुए किसानों को संबोधित किया और बताया कि कैबिनेट द्वारा हाल में लिए गए फैसले के अनुसार राष्ट्रीय पशुधन मिशन और राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनाओं में अब ब्रीडर फार्म उद्यमी और चारा उद्यमी भी एक अंग बन चुके हैं। राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) ग्रामीण उद्यमिता का निर्माण करने में मदद करेगा और पशु, डेयरी, मुर्गी पालन, भेड़, बकरी, सूअर पालन, चारा और पशुधन आहार क्षेत्र वाले किसानों और बेरोजगार युवकों को उनकी आजीविका को बेहतर बनाने में सहायता करेगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत का मार्ग और ज्यादा प्रशस्त होगा। मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता विकास पर तीव्र गति से ध्यान केंद्रित किया जाएगा और ग्रामीण मुर्गी पालन, भेड़, बकरी और सूअर पालन में सुधार लाया जाएगा, जिसमें चारा और पशुधन आहार विकास भी शामिल है। ग्रामीण मुर्गी पालन उद्यमिता घटक के माध्यम से 1.5 लाख किसानों को रोजगार का सीधा अवसर प्राप्त होगा और 2 लाख किसानों को भेड़ बकरियां और मुर्गी पालन विकास से सीधा लाभ मिलेगा। लगभग 7.25 लाख उच्च उत्पादन क्षमता वाले पशुओं को जोखिम प्रबंधन के अंतर्गत लाया जाएगा, जिससे 3.5 लाख किसानों को लाभ पहुंचेगा। चारा उद्यमियों का निर्माण करने से देश में चारा और चारे के बीज की उपलब्धता में कई गुना बढ़ोत्तरी होगी।
 



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