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 MP PHQ के निर्देश E-FIR अनिवार्य नहीं:E-FIR के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता; शिकायत करने वाले को थाने नहीं बुलाया जाएगा, TI को FIR पर 24 घंटे में निर्णय लेना होगा



मध्यप्रदेश में नागरिकों की सुविधा के लिए E-FIR का ट्रायल रन चल रहा है। मध्य प्रदेश का कोई भी नागरिक वेबसाइट mppolice.gov.in सिटीजन पोर्टल https://ift.tt/2SaO7XE मध्यप्रदेश पुलिस के मोबाइल एप MpeCop पर अपनी आईडी से लॉगिन करके FIR दर्ज करा सकता है। FIR दर्ज कराने की एक वैकल्पिक सुविधा है, जिसका प्रयोग वाहन चोरी तथा साधारण चोरी के मामलों में किया जाना है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चंचल शेखर ने बताया कि FIR दर्ज करने वाले को पुलिस स्टेशन नहीं बुलाया जाएगा। साथ ही अगर कोई फरियादी चोरी की शिकायत लेकर थाने आता है, तो उसे E-FIR के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। इसको लेकर अब पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए।

शिकायतकर्ता को E-FIR प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाने पर नहीं बुलाया जाएगा।

यदि कोई फरियादी थाने में आकर वाहन चोरी अथवा सामान चोरी की शिकायत दर्ज कराने कराना चाहता है, तो उसे E-FIR के लिए बाध्य नहीं किया जाए।

यदि नागरिक द्वारा गलत थाने का चयन किया जाता है तो यह FIR को घटनास्थल से संबंधित थाने को स्थानांतरित किया जाए।

फरियाद को E-FIR दर्ज होने की सूचना SMS और E-FIR पीडीएफ कॉपी ईमेल के माध्यम से स्वता ही मिल जाएगी।E-FIR दर्ज होने पर थाने के अधिकारियों को मोबाइल पर SMS से सूचना प्राप्त होती है। इसके लिए थाने में एक नियमित मोबाइल नंबर अलग से एक्टिव रखना अनिवार्य है।थाना प्रभारी द्वारा अधिकृत की गई E-FIR उचित कारणों से ही की गई है अथवा नहीं। इसका हर दिन थाने के प्रथम परीक्षण करता राजपत्रित पुलिस अधिकारी द्वारा इसका जांच की जाएगी।प्रकरणों के पंजीयन एवं विवेचना निर्धारित समय अवधि में किए जाने के संबंध में पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समय-समय पर समीक्षा सुनिश्चित करें।वाहन चोरी की सूचना पुलिस चौकी, थाना, कंट्रोल रूम, डायल हंड्रेड पर प्राप्त होने के बाद उसकी खोज के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।E-FIR अंतर्गत साधारण चोरी की विवेचना 45 दिनों में एवं वाहन चोरी की जांच 30 दिनों में पूरी की जाए।E-FIR पंजीकृत की जाने की समस्या आने पर सीसीटीएनएस भोपाल के हेल्प डेस्क नंबर 075 5-3 503 100 पर कॉल कर सकते हैं।

इस तरह करता है काम

किसी भी नागरिक द्वारा अपनी सिटीजन पोर्टल आईडी से लॉगिन करके FIR प्रस्तुत करते ही संबंधित थाना प्रभारी को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर इसकी सूचना मिल जाएगी।

थाना प्रभारी को SMS पर E-FIR सूचना मिलेगी। उन्हें 24 घंटे के अंद इस पर FIR करने या न करने पर निर्णय लेना होगा।

E-FIR नहीं करने के निर्णय को उचित कारणों का लिखना अनिवार्य है।

Source - https://bit.ly/3mnFqvx



from कर्मयोगी अटल पत्रकार संघ https://ift.tt/3B2a6GL
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