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इंदौर  में कोरोना नियंत्रण होकर अभी कुछ दिन ही हुए हैं कि डेंगू के मरीज बढ़ने लगे हैं। मंगलवार को डेंगू के नए मरीज मिले हैं। ये मरीज गोविंद कॉलोनीगीता भवनभाग्यश्री कॉलोनीप्राइम सिटी में मिले हैंजबकि एक मरीज औरंगपुराधन्नड गांव में मिला है। इनके सहित अब डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 63 हो गई है। जिन नए क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिले हैंउन स्थानों और आसपास छिड़काव के साथ लार्वा के सैंपल लिए गए हैं।

अभी जो छह नए मरीज मिले हैं उनकी हालत ठीक है तथा घरों में ही उनका इलाज चल रहा है। इसके पूर्व शहरी क्षेत्र में शांति पथ रोडआलोक नगरमूसाखेड़ीस्कीम 94, विनायक टॉउनशिप जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सिमरोलदेपालपुरभंवरकुआअहीरखेड़ीबर्फानीधामन्यू द्वारकापुरी आदि क्षेत्रों में मिले थे। तब इन स्थानों व इनके आसपास लार्वा की स्थिति जानने और छिड़काव के लिए टीमें भेजी गई थी। वैसे इसके पहले उदापुरानृसिंह बाजारमेघदूत नगरगीता भवननंदा नगरसरदार सरोवर नगरवल्लभ नगरखजरानानेहरू नगर व ब्रह्मपुरी कॉलोनीनरवल कांकड़ (सांवेर)प्रोफेसर कॉलोनीबाणगंगा व महू में भी नए डेंगू के मरीज मिले थे। इन क्षेत्रों में तब पर्याप्त छिड़काव व डेंग ग्रस्त मरीजों के इलाज के बाद नया मरीज नहीं मिला है। कुछ समय पहले एक गर्भवती महिला की भी डेंगू से मौत हुई थी जबकि डॉक्टरों का कहना था कि उसे अन्य बीमारियां भी थी। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. दौलत पटेल ने बताया कि जिन भी नए क्षेत्रो में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं वहां व उसके आसपास छिड़काव किया जा रहा है।

इन बातों का रखें ध्यान

 

  1. जमे हुए पानी में पनपने वाले मच्छरों के काटने से होता है जबकि डेंगू एडीज इजिप्टी (मादा मच्छर) के काटने से फैलता है। यह बुखार मच्छरों द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारी है। यह स्थिति तब बनती है घरों में या आसपास एक ही स्थान पर बहुत दिनों से पानी जमा हो। जैसे कूलरवॉश एरियासिंकगमलों आदि भी कई बार पानी जमा रहता है जो डेंगू का कारक बनता है
  2. एडीज मच्छर पानी जमाव होने की स्थिति में सक्रिय हो जाते हैं। इन मच्छरों की प्रकृति यह है कि ये दिन में ही काटते हैं।
  3. फिर कुछ समय बाद इसकी चपेट में आए लोगों को तेज बुखारशरीर पर लाल चकत पड़नासिरहाथ-पैर और बदन में तेज दर्दभूख न लगनाउल्टी-दस्तगले में खराशपेट में दर्द और लिवर में सूजन आदि लक्षण दिखते हैं।
  4. ऐसे में संबंधित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टरों को दिखाना चाहिए। इसके बाद ब्लड टेस्ट में इसकी जांच होती है जिसमें पुष्टि होती है कि उसे डेंगू है या दूसरी बीमारी।


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