आरएसएस के खिलाफ टिप्पणी को लेकर जावेद अख्तर को एक वकील ने लीगल नोटिस भेजा है और उन्हें माफी मांगने को कहा गया है। मुंबई के एक वकील ने बुधवार को गीतकार जावेद अख्तर को एक समाचार चैनल को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कथित रूप से 'झूठी और मानहानिकारक' टिप्पणी करने के लिए कानूनी नोटिस भेजा और इस पर उनसे माफी मांगने को कहा।
वकील संतोष दुबे ने यह भी कहा कि अगर जावेद अख्तर 'बिना शर्त लिखित माफी' देने और नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर अपने सभी बयान वापस लेने में विफल रहते हैं तो वह अख्तर से 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए एक आपराधिक मामला दर्ज करेंगे। बता दें कि बीते दिनों जावेद अख्तर ने आरएसएस और वीएचपी की तुलना तालिबान से की थी। जिसके बाद भाजपा और शिवसेना ने भी हमला बोला था।
वकील के नोटिस में दावा किया गया है कि इस तरह के बयान देकर जावेद अख्तर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि की सजा) के तहत अपराध किया है। बता दें कि पिछले दिनों शिवसेना ने संघ और वीएचपी की तुलना तालिबान से करने को हिंदू संस्कृति का अपमान करार दिया है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में कहा, 'आज कल कुछ लोग तालिबान की किसी से भी तुलना करने लगे हैं। तालिबान समाज और मानवता के लिए बड़ा संकट है। चीन और पाकिस्तान जैसे देश उसका समर्थन कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक नहीं हैं। इन देशों में मानवाधिकार के लिए कोई जगह नहीं है।'
from कर्मयोगी अटल पत्रकार संघ https://ift.tt/3lW9WdQ
via IFTTT

Post a Comment