कोलकाता. पश्चिम बंगाल में उप-चुनाव का मुद्दा जारी है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष (Dilip Ghosh) का कहना है कि ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) मुख्यमंत्री बने रहना चाहती हैं इसलिए चुनाव कराने की बात पर अड़ी हैं. इस दौरान उन्होंने ढाई साल से अटके हुए नगर निगम चुनाव का मुद्दा भी उठाया है. मई में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बड़ी जीत दर्ज की थी, लेकिन सीएम बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा था.
घोष ने कहा, ‘चुनाव आयोग को लिखित में बता चुके हैं कि पश्चिम बंगाल में जो हालात हैं, उसमें उप-चुनाव नहीं हो सकते हैं. अगर चुनाव कराने की स्थिति है, तो दो-ढाई साल से नगर निगम के चुनाव क्यों लंबित हैं? ममता बनर्जी को सीएम बने रहना है इसलिए चुनाव के लिए अड़ी हैं.’ हाल ही में बीजेपी प्रदेश प्रमुख ने टीएमसी में दोबारा लौटने वाले बीजेपी नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी.
मुख्यमंत्री बनर्जी ने राज्य की कोरोना के हालात को लेकर कहा था कि अब सब कुछ नियंत्रण में है. ऐसे में उपचुनाव का ऐलान किया जाना चाहिए. सीएम ने जनता के वोट डालने और विधानसभा के लिए चुने जाने के अधिकार का हवाला दिया था. बनर्जी की पारंपरिक सीट भवानीपुर रही है, लेकिन विधानसभा चुनाव 2021 में उन्होंने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ नंदीग्राम सीट से चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया था. सीएम को यहां शिकस्त मिली थी.
बनर्जी के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने के कारण भवानीपुर से टीएमसी नेता शोभन देव को मैदान में उतारा गया था. अब नंदीग्राम का फैसला आने के बाद देव विधायक पद से इस्तीफा देकर उप-चुनाव का रास्ता खाली कर चुके हैं. चुनाव आयोग ने तारीख को लेकर कोई संकेत नहीं दिए हैं. शुक्रवार को ही आयोग ने बैठक कैंसिल कर दी थी.
आयोग के इस फैसले के बाद राजनीतिक दल यह मान रहे हैं कि राज्य में उप सितंबर नहीं अक्टूबर में हो सकते हैं. रिपोर्ट में बंगाल सचिवालय के सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि टीएमसी सरकार ने आयोग से दुर्गा पूजा के पहले उप चुनाव कराने के लिए कहा है. घोष ने कोरोना की स्थिति को लेकर कहा कि वे चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है.
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