मध्य प्रदेश में उपचुनाव के माहौल के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन में ऐलान किया है कि शराब नीति में आदिवासियों की परंपरा और संस्कृति के मुताबिक बदलाव किया जाएगा। नीति में परिवर्तन कर आदिवासियों को यह छूट दी जाएगी जिससे वे महुआ से शराब बना सकें।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को झाबुआ जिले में जनजातीय सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे, जहां उन्होंने आदिवासियों के बीच पहुंचकर न केवल नृत्य किया बल्कि उनकी परंपरा व संस्कृति बचाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में ऐलान भी किया। मंच से सीएम ने कांग्रेस पर आदिवासियों के साथ केवल छलावा करने के आरोप भी लगाए। साथ ही कहा कि उनकी सरकार आदिवासियों की परंपरा व संस्कृति की रक्षा करना चाहती है। उन्हें पता है कि आदिवासी शराब व्यवसाय करने के लिए नहीं बनाते हैं बल्कि यह वे अपनी परंपरा का निर्वहन करने के लिए ऐसा करते हैं। इसलिए वे शराब की नीति में बदलाव करेंगे क्योंकि अभी आदिवासियों पर शराब बनाने पर मुकदमे लग जाते हैं। नीति में आदिवासियों को इसकी छूट दे दी जाएगी जिससे वे मुकदमे बाजी से बच जाएंगे। उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
शराब के बहाने आदिवासी वोटर पर निशाना
मध्य प्रदेश में खंडवा लोकसभा और रैगांव, जोबट व पृथ्वीपुर विधानसभा सीटों पर इसी महीने उपचुनाव होने जा रहे हैं, जहां आदिवासी वोटर भी हैं। खंडवा लोकसभा सीट की ज्यादा विधानसभा सीटों पर आदिवासी वोट बहुतायत में हैं तो जोबट विधानसभा सीट तो आदिवासी बहुत आलीराजपुर में ही है। इसी तरह पृथ्वीपुर व रैगांव सीटों पर भी आदिवासी वोटर ज्यादा संख्या में हैं।
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