दिल्ली | वायु प्रदूषण के खिलाफ जंग के बीच देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार से 'रेड लाइन आन, गाड़ी आफ' अभियान शुरू कर दिया गया है। इस दौरान लोगों से अनुरोध किया जाएगा कि लाल बत्ती होने पर लोग अपने वाहन बंद करना शुरू कर दें। जिससे वायु प्रदूषण में करीब 15-20 फीसद की कमी आएगी। यह भी एक तथ्य है कि इस अभियान के बाद भी कई लोग अनावश्यक रूप से रोजाना 15-20 मिनट के लिए लाल बत्ती पर पेट्रोल जलाते हैं।
इसकी वजह से दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 284 पर पहुंच गया है। नासा के मुताबिक 13 अक्टूबर को पराली जलने की संख्या कम थी, जिसकी वजह से उस दिन एक्यूआइ का स्तर 171 था। उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर वार के लिए सोमवार से रेड लाइन आन गाड़ी आफ अभियान की शुरुआत हो रही है।
गोपाल राय ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के अंदर पराली जलने की घटनाएं बढ़ती हैं तो दिल्ली का प्रदूषण का स्तर भी उसी अनुपात में बढ़ने लगता है। उत्तर भारत में बारिश की वजह से फसल देर से कटी है। अब तेजी के साथ पराली जलना शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार सभी तैयारी करके किसानों के खेतों में बायो डिकंपोजर का छिड़काव करती है। दूसरे राज्यों ने इस तरह की तैयारी नहीं की है।
गोपाल राय का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार ने पंजाब को लगभग 250 करोड़ रुपये पराली के समाधान के लिए दिए हैं। इससे 50 लाख एकड़ क्षेत्र में बायो डिकंपोजर का निशुल्क छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एंटी डस्ट अभियान के तहत करीब 70 फीसद लोग नियमों को पालन कर रहे हैं, बाकी के 30 फीसद लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अरविंद केजरीवाल सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दीर्घकालिक और तात्कालिक कार्य योजना के साथ काम कर रही है। दीर्घकालिक में ट्री ट्रांसप्लांटेशन नीति, इलेक्टिक वाहन नीति लेकर आए। फैक्टियों का ईंधन 100 फीसद पीएनजी में बदला है।
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