भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री देशबन्धु चितरंजन दास की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निवास स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
श्री चितरंजन दास सुप्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, वकील, कवि, पत्रकार तथा भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख नेता थे। उन्होंने कई बड़े स्वतंत्रता सेनानियों के मुकद्दमे लड़े। श्री चितरंजन दास का जन्म 5 नवंबर 1870 को कोलकाता में हुआ।
वकालत में इनकी कुशलता का परिचय लोगों को सर्वप्रथम 'वंदे-मातरम्' के संपादक श्री अरविंद घोष पर चलाए गए राजद्रोह के मुकदमे में मिला और मान सिकतला बाग षड्यंत्र के मुकदमे ने कलकत्ता हाईकोर्ट में इनकी धाक अच्छी तरह जमा दी। मुकदमों में ये पारिश्रमिक नहीं लेते थे।
बाद में इन्होंने वकालत छोड़ दी और अपनी सारी सम्पत्ति मेडिकल कॉलेज तथा अस्पताल को दे डाली। इनके इस महान्त्याग को देखकर जनता इन्हें 'देशबंधु' कहने लगी। उन्होंने स्वराज दल की स्थापना की।
जिस वक्त देशबंधु चितरंजन दास जी का राजनैतिक जीवन चरम पर था, उसी अवधि में 16 जून 1925 को उनका निधन हो गया।संदीप कपूर
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