चंडीगढ़ | ने इस साल कोरोना और डेंगू की दोहरी मार झेली है। हालांकि अब कोरोना सहित डेंगू के मामले कम हो गए हैं, लेकिन लापरवाही बरती गई तो हालात बिगड़ भी सकते हैं। चंडीगढ़ में इस साल डेंगू के रिकार्ड मरीज मिले हैं। जनवरी से अब तक 1,422 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, नवंबर में 533 डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। शहर में बुधवार को डेंगू के 15 नए मामले सामने आए। हालांकि इससे पहले रोजाना 20 से 25 मरीज मिल रहे थे। दूसरे राज्य से भी शहर के सरकारी अस्पतालों में डेंगू के इलाज के लिए 469 लोगों को रेफर किया गया। डेंगू के जो नए मामले सामने आए, उनमें सेक्टर-46, 52, 56, कैंबवाला, कजहेड़ी, मौलीजागरां और रामदरबार में एक-एक, सेक्टर-47, बुड़ैल, किशनगढ़ और मनीमाजरा में दो-दो डेंगू के मरीज सामने आए।
स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग की ओर से डेंगू की रोकथाम के प्रति लापरवाही बरतने पर 59 लोगों को नोटिस दिया गया। कुल 10,601 लोगों को नोटिस किया जा चुका है। 336 लोगों को शोकॉज और 478 लोगों के चालान किए गए। 42 घरों के अंदर डेंगू की रोकथाम को लेकर स्प्रे किया गया। 3,829 घरों की चेकिंग की गई। इसके अलावा 6,774 कंटेनर, 661 कूलर, 2,372 ओवरहेड टैंक, 14 हौदी और 280 टायर चेक किए गए। डेंगू की रोकथाम को लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में फॉगिंग की जा रही है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने कहा कि दिसंबर के अंत तक डेंगू का असर पूरी तरह खतम हो जाएगा। तब तक लोगों को डेंगू के डंक से सचेत रहने की जरूरत है। लोगों को जरूरी एतिहायत बरतने की जरूरत है।
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