नई दिल्ली । कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का असर नई साल में दिखना शुरू होगा। जनवरी 2022 के अंतिम सप्ताह और फरवरी की शुरुआत में वैरिएंट से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या पीक पर होगी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के प्रोफेसर ने यह दावा किया है। प्रोफेसर के मुताबिक, ओमिक्रॉन वैरिएंट के तेजी फैलने के लक्षण हैं, लेकिन ज्यादा घातक नहीं दिख रहे। वैरिएंट के हर्ड इम्यूनिटी को तोड़ने की संभावना कम है।हालांकि, इसके फैलने के लक्षण ज्यादा हैं और अभी तक साउथ अफ्रीका से लेकर दुनिया भर में जहां भी यह फैला है, इसके लक्षण गंभीर नहीं बल्कि हल्के दिख रहे हैं।भारत में इसकी गंभीरता ज्यादा होने की संभावना कम है, क्योंकि 80 फीसदी लोगों में नेचुरल इम्यूनिटी डेवलप हो चुकी है।इसके बाद अगर इसकी लहर आती भी है,तब इसका असर दूसरी लहर के डेल्टा वैरिएंट जैसा नहीं होगा। पहली और दूसरी लहर में भी अपनी रिसर्च जारी की थी, तब भी उनकी गणना काफी हद तक सही साबित हुई थी। मालूम हो कि दक्षिण अफ्रीका से निकला यह वैरिएंट दुनिया के तकरीबन 30 देशों तक पहुंच चुका है। भारत के कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र में भी इस वैरिएंट के 4 केस मिल चुके हैं।
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